मंगलवार, जुलाई 27, 2021

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“पेड़ एक ऐसा मोहब्बत लगाया जाए”, “पड़ोसी के घर में भी पेड़ का साया जाये”

कुंदरकी क्षेत्र में शिक्षा की अलख प्रज्वलित करने वाले साहित्यकार समाजसेवी शिक्षाविद हाजी शरीफुद्दीन पाशा एड प्राकृतिक प्रेमी भी है वह अपनी लिखी कविता के एक शेर में कहते हैं कि “पेड़ एक ऐसा मोहब्बत लगाया जाए”, “पड़ोसी के घर में भी पेड़ का साया जाये” ,उन्होंने अपने जीवन में हजारों की संख्या में वृक्ष लगाए हैं पर्यावरण के प्रति उनका प्रेम देखने लायक है उनके द्वारा क्षेत्र के सार्वजनिक एवं सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी सुंदर-सुंदर वृक्षारोपण किया गया है कुंदरकी के निकटवर्ती ग्राम चकफ़ाजलपुर निवासी हाजी शरीफुद्दीन पाशा एड ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में प्राप्त की व कक्षा 8 तक कुंदरकी के जूनियर हाई स्कूल में पढ़े कक्षा नवीं से लेकर वकालत तक कि शिक्षा मुरादाबाद में हासिल की थी उस समय की कठिनाइयों एवं परेशानियों को देखते हुए उन्होंने 1989 में कुंदरकी के गुलड़ तिराहे पर 2 छप्परों में किसान पब्लिक स्कूल की स्थापना की थी 1996 में जूनियर हाई स्कूल व 2000 में हायर सेकेंड्री 2009 में इंटरमीडिएट कालेज व 2014 में नगर का प्रथम डिग्री कॉलेज एवं 2016 में नगर में प्रथम अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय खोला उनका शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों एवं प्रकृति के प्रति उनका प्रेम अद्भुत है उन्होंने क्षेत्र के कई प्रतिष्ठानों में जिसमें कुंदरकी ब्लाक परिसर में 1990 में यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए थे जो आज विशाल वृक्षों के रूप में लोगों को छांव दे रहे हैं अपने 2 एकड़ से अधिक परिसर वाले किसान पब्लिक इंटर कॉलेज में 500 वृक्ष छोटे एवं बड़े स्वयं लगाए हैं उसका पालन पोषण भी खुद ही करते हैं लगभग 2 एकड़ में फैले उनके डिग्री कॉलेज में भी आधुनिक युग के वृक्षों की संख्या सैकड़ों की तादात में है आईटीएम अकादमी के नाम से स्थापित अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में भी सैकड़ों पेड़ लगाकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है 2009 में कुंदरकी थाना कस्बे से हटकर भीकनपुर कुलवाड़ा के रकबे में स्थापित हुआ यह भूमि बेहद बंजर और एक पुराने भट्टे के रूप में जानी जाती थी जब इस पर थाने का उदघाटन हुआ तब हाजी शरीफुद्दीन पाशा द्वारा इस परिसर में अपने स्कूली बच्चों के साथ मिलकर डेढ़ सौ से अधिक वृक्ष लगाएं जिसका खर्चा स्वयं वहन किया आज यह बड़े-बड़े वृक्ष कुंदरकी थाने की रोनक बढ़ा रहे हैं और जो भी आकर देखता है वह प्रशंसा करता है सन 2017 में बिलारी तहसील के तत्कालीन तहसीलदार राजेश कुमार जी के अनुरोध पर तहसील प्रांगण को हाजी शरीफउद्दीन पाशा ने गोद लिया तहसीलदार कार्यालय एवं बार एसोसिएशन हॉल के बीच में खाली पड़ी भूमि पर पार्क एवं वृक्षारोपण कर कर सौंदर्यीकरण किया जो कि आज बिलारी तहसील को खूबसूरत दिखा रही है क्षेत्र के कई कब्रिस्तान श्मशान अंबेडकर पार्क एवं अनेकों सार्वजनिक स्थलों स्थानों पर वृक्ष लगाकर उसको हरा-भरा करने का काम किया है वह कहते हैं की ऑक्सीजन की कीमत इसको रोना काल में लोगों ने समझी है जो सीजन हमें प्रकृति से निशुल्क मिलती है उसको हम भूले बैठे हैं पेड़ों का कटान आने वाली नस्लों के लिए बेहद नुकसानदायक होगा वृक्ष हमें फल फूल छाव साया और कीमती लकड़ी देते हैं वृक्षों की महत्व हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण है हमें अपने सार्वजनिक जीवन में कम से कम प्रति व्यक्ति को 100 पेड़ अनिवार्य रूप से लगाने चाहिए उन्होंने अपनी 2 एकड़ भूमि में परंपरागत वृक्षों से हटकर सागौन चीड़ बोतल, पाम, मठ पाम, मछली पाम, मोर पंखड़ी, नीम, बकान, तुलसी , अशोका, साइकस, फाइकस, यूकेलिप्टस, गोल्ड मोहर, वृक्ष लगाए हैं नेशनल हाईवे पर आईटीएम नर्सरी के नाम से एक बड़ी नर्सरी भी खोली है जहां पर सभी किस्म के पेड़ उपलब्ध करें हैं जिससे के लोगों में पेड़ों के प्रति जागरूकता जागे और लोग अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें इन सब कामों में उनका छोटा बेटा आरिफ पाशा एड उनका भरपूर सहयोग करता उनको भी पेड़ पौधों एवं प्रकृति से से बेहद लगाव है यही कारण है कि कुंदरकी स्थित किसान पब्लिक इंटर कॉलेज जनपद के सर्वाधिक हरियाली युक्त कॉलेजों में शुमार होता है तत्कालीन जिलाधिकारी अमित घोष ने पर्यावरण के प्रति सजगता के लिए सम्मानित भी किया था इसके अतिरिक्त तत्कालीन आईएएस संजय कुमार मीणा आईपीएस सोनम कुमार क्षेत्रीय सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद धीरेंद्र रावत जी जनपद के अन्य अधिकारी इसकी सुंदरता की प्रशंसा करते रहते हैं तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक शिवप्रकाश प्रकाश द्विवेदी के द्वारा कॉलेज प्रबंधक को पर्यावरण के प्रति सजगता के लिए जनपद स्तरीय अवार्ड भी मिल चुका है

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